गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) के लिए बड़े काम का है ये ऐप, देगा सिंचाई से जुड़ी हर जानकारी

गन्ने की बुवाई के बाद सिंचाई करने का सही समय क्या होना चाहिए, कितने अंतराल के बाद दोबारा सिंचाई करनी चाहिए, इससे जुड़ी सारी जानकारी एक ऐप के ज़रिए गन्ना किसान पा सकते हैं।

दुनिया के चीनी के सबसे बड़े उत्पादक देशों में भारत का नाम है। विश्वभर में गन्ने के उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर है। दुनिया में चीनी उत्पादन में 18 प्रतिशत की हिस्सेदारी अकेले भारत की ही है। गन्ने की खेती से देश के लाखों किसान जुड़े हैं।

भारत में गन्ने की खेती उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में प्रमुख रूप से की जाती है। गन्ने की अधिक पैदावार और गुणवत्ता के लिए जुताई, बुवाई और समय से सिंचाई ज़रूरी होती है। ऐसे में कई किसान गन्ने की फसल को ज़रूरत से ज़्यादा पानी दे देते हैं। इससे पानी का नुकसान तो होता ही है, साथ ही सिंचाई पर किए गए अतिरिक्त खर्चे का नुकसान भी किसानों को उठाना पड़ता है।

सिंचाई का सही समय बताता है ये ऐप 

ऐसे में गन्ने की बुवाई के बाद सिंचाई करने का सही समय क्या होना चाहिएकितने अंतराल के बाद दोबारा सिंचाई करनी चाहिएइससे जुड़ी सारी जानकारी एक ऐप के ज़रिए गन्ना किसान पा सकते हैं। इस लेख में आप इस ऐप के इस्तेमाल और फ़ायदों के बारे में जानेंगे।

इस ऐप का नाम इक्षु केदार‘ है। इसे लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया है। ये ऐप गन्ना किसानों को सिंचाई से जुड़ी जानकारी देता है। इसकी मदद से गन्ना किसान फसल की सिंचाई की सही तारीख के बारे में जान सकते हैं। इससे फसल में बार-बार की जाने वाली गैर-ज़रूरी सिंचाई की बचत होगी।

गन्ना किसान ( Ikshu Kedar app )
तस्वीर साभार: TheHindu

गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) के लिए बड़े काम का है ये ऐप, देगा सिंचाई से जुड़ी हर जानकारीउत्तर भारतीय राज्यों के लिए कारगर है ये ऐप

अलग-अलग मौसम में बोई जाने वाली गन्ने की फसल के लिए दो सिंचाइयों के बीच का अंतराल अलग-अलग होता है। इसलिए ऐप में गन्ना बुवाई की तारीख तथा सिंचाई की तिथि सही डालें। ये ऐप उत्तर भारतीय राज्यों के मौसम को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

इस ऐप में गन्ने की खेती में सिंचाई से जुड़ी हर जानकारी 

गन्ने के पौध तथा पेड़ी फसल के लिए प्रत्येक सिंचाई में 75 मिमी पानी का प्रयोग किया जाना चाहिए। सिंचाई की नालियों को खर-पतवार एवं टूट-फूट से मुक्त रखें। गन्ना कटाई से लगभग एक महीने पहले सिंचाई बंद कर देनी चाहिए। ऐसी ही गन्ने की खेती में सिंचाई से जुड़ी कई जानकारियां इस ऐप में दी गई हैं।

गन्ना किसान ( Ikshu Kedar app )
तस्वीर साभार: IISR

गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) के लिए बड़े काम का है ये ऐप, देगा सिंचाई से जुड़ी हर जानकारीऐसे करें डाउनलोड

इस ऐप को इस्तेमाल करना बेहद आसान है। गूगल स्टोर पर ये ऐप Ikshu Kedar नाम से उपलब्ध है। इसमें अलग से आपको फ़ोन नंबर डाल कर रजिस्ट्रेशन कराने की भी ज़रूरत नहीं है। इंस्टॉल करते ही ऐप को ओपन कर आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

वहीं गन्ने की खेती से जुड़ी कोई भी जानकारी लेने के लिए आप भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के टेलीफोन नंबर 0522-2480726 या  ई-मेल: director.sugarcane@icar.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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