नैनो फर्टिलाइज़र क्यों है नई ज़माने की खेती की ज़रूरत, जानिए IFFCO के मार्केटिंग डायरेक्टर डॉ. योगेंद्र कुमार से
खेती में यूरिया, डीएपी और नैनो यूरिया/डीएपी की बहुत अहम भूमिका होती है और भारतीय किसानों को इसकी आपूर्ति करता […]
कृषि क्षेत्र में सक्सेस स्टोरीज का संग्रह। आपकी मोटिवेशन बढ़ाने वाली कहानियों को जानें और सफलता की ओर एक कदम बढ़ाएं। किसान ऑफ इंडिया पर हमारे साक्सेस स्टोरीज से प्रेरणा लें।
खेती में यूरिया, डीएपी और नैनो यूरिया/डीएपी की बहुत अहम भूमिका होती है और भारतीय किसानों को इसकी आपूर्ति करता […]
प्राकृतिक खेती अपनाकर गोवर्धन क्लांटा ने सेब की खेती में घटाई लागत, बढ़ाई आय और मिट्टी की सेहत को किया मज़बूत।
सुखजीत सिंह ने 20 साल पहले शुरू की जैविक खेती, आज भरोसेमंद आलू बीज उत्पादन से किसानों को दे रहे बेहतर विकल्प।
सब्जियों की नर्सरी से किसान मज़बूत शुरुआत कर रहे हैं, अमृतसर के भूपिंदर सिंह गिल की सफल पहल से बढ़ रही है मांग और मुनाफ़ा।
प्राकृतिक खेती अपनाकर संजीव नेगी ने सेब की खेती में घटाई लागत, बढ़ाई गुणवत्ता और बनाई टिकाऊ खेती का सफल मॉडल।
पंतनगर में साल में दो किसान मेले का आयोजन किया जाता है जहां किसानों को नई-नई तकनीक के बारे में जानकारी दी जाती है, विभिन्न किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं और उन्हे एक अच्छा बाज़ार उपलब्ध कराया जाता है।
प्राकृतिक खेती अपनाकर पवन शर्मा ने लागत घटाई, आमदनी बढ़ाई और अपने गांव में टिकाऊ खेती का मज़बूत उदाहरण पेश किया।
प्राकृतिक खेती (Natural Farming) अपनाकर सुरेंद्र पीरता ने सेब की खेती में ख़र्च घटाया, गुणवत्ता सुधारी और रसायन मुक्त फल उत्पादन की दिशा पकड़ी।
प्राकृतिक खेती अपनाकर प्रमोद देस्ता ने सेब की खेती में लागत घटाई, गुणवत्ता बढ़ाई और टिकाऊ खेती से बेहतर आमदनी हासिल की।
सोनाम ने फ़ौज से रिटायर्ड होने के बाद साल 2023 से Pig Farming का काम शुरू किया। वो ड्यूरोक प्रजाति के सुअरों का पालन करते हैं।
उम्र तो महज़ एक संख्या है, ये बात सौ फ़ीसदी सही है, क्योंकि जिनके मन में कुछ करने का जुनून
Hi-Tech Vegetable Nursery : खेत में बीजों की बुवाई के बजाय जब अच्छी किस्म के पौध लगाए जाते हैं, तो
आमतौर पर जिस उम्र में बुज़ुर्ग बिस्तर पर पड़े रहते हैं और उनके लिए अपने रोज़मर्रा के काम करना भी
दिल्ली का नाम सुनते हैं सबसे पहली छवी जो दिमाग में आती है वो है संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर राम प्रकाश पांडे ने FPO के माध्यम से हज़ारों किसानों को बेहतर उत्पादन, बाज़ार और मुनाफ़ा दिलाया।
Nurture.farm के ज़रिए तुषार त्रिवेदी बता रहे हैं कैसे फ़ार्म मैकेनाइजेशन और टेक्नोलॉजी से भारतीय खेती को बनाया जा सकता है आसान और टिकाऊ।
रविंद्र माणिकराव मेटकर को किसान ऑफ़ इंडिया सम्मान 2025 में एग्री–स्टार्टअप श्रेणी में सम्मान मिला, आधुनिक पोल्ट्री फ़ार्मिंग से नई मिसाल।
रिशु कुमारी ने प्राकृतिक खेती अपनाकर कम ख़र्च में अधिक आय पाई और महिला किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की।
राजू सिंह ने मधुमक्खी पालन (Beekeeping) से खेती को नया रास्ता दिया और कम लागत में शहद उत्पादन से लाखों की स्थायी आमदनी हासिल की।
NAWRC भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Government of India) की एक अहम पहल है। इसे 2018-19 में शुरू किया गया था।