कार्प मछली (Carp Fish): मछली पालन (Fisheries) कमाई का एक बेहतरीन ज़रिया बनता जा रहा है। समय के साथ मछलियों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में जिन किसानों के पास खेती योग्य ज़मीन कम है या जो खेती से ज़्यादा कमाई नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए मछली पालन अच्छा विकल्प है, लेकिन इसके सबसे पहले उन्हें ये पता होना चाहिए कि किन मछलियों को पालने से अधिक मुनाफ़ा होता है और उसके लिए नर्सरी तालाब की क्या भूमिका है।
हमारे देश में कुल मछली उत्पादन में 86 फ़ीसदी हिस्सा कार्प मछलियों का है। इसकी वजह है इन मछलियों का पालन आसान होना, वज़न तेज़ी से बढ़ना और रोग प्रतिरोधक क्षमता ज़्यादा होना। इसके अलावा, अगर किसान मछली पालन से तगड़ा मुनाफ़ा कमाना चाहते हैं, तो उन्हें मछलियों के बीज संचयन का समय और नर्सरी तालाब प्रबंधन के बारे में भी पता होना चाहिए।
स्पॉन संचयन का सही समय
कार्प मछली जून-जुलाई के महीने में प्रजनन करती हैं। ऐसे में जून अगस्त के बीच में बीज (स्पॉन) संचित करने से उन्हें विकास के लिए कम समय मिलता है, क्योंकि 4-5 महीने बाद सर्दियों का मौसम शुरू हो जाता है, जिसमें मछलियों का विकास कम होता है। इसके विपरित अगर अप्रैल में बीज संचयन किया जाता है तो मछलियों के विकास के लिए 8 महीने यानि अप्रैल से नवंबर तक का समय मलता है। इससे कम समय में ज़्यादा उत्पादन होता है। मछली पालकों को मछलियों के ज़्यादा उत्पादन के लिए फिंगरलिंग साइज़ के बीजों का संचयन करना चाहिए।

नर्सरी तालाब में स्पॉन संचयन का सही तरीका
स्पॉन के बैग को तालाब के पानी की सतह के ऊपर 20-30 मिनट के लिए बिना खोले रखें, जिससे बैग का तापमान, तालाब के पानी तापमान के बराबर हो जाए। इसके बाद बैग को खलोकर उसके किनारे मोड़ दें, जिससे तालाब का पानी उसमें भर जाए। फिर धीरे-धीरे बैग के मुंह को पानी के नीचे दबा दें, ताकि बीज आसानी से पानी में जा सके और उन्हें नुकसान न पहुंचे।
नर्सरी तालाब का विकल्प होने पर कार्प मछली पालक सही समय यानी मार्च-अप्रैल में तालाब में प्रति एकड़ 4000-5000 की दर से मछली बीच का संचयन कर सकते हैं। वो उत्पादन तालाब में मछलियों को डालने के बाद बचे हुए मछलियों के बीज को दोबारा संग्रहित करके आगे भी उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
नर्सरी तालाब में मछलियों को जीवित रखने की दर बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- मछली का बीज विश्वसनीय स्रोत से ही खरीदें ताकि गुणवत्ता वाले बीजों को संचित करके अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
- बीज की पैकिंग करने से एक दिन पहले उसे आहार देना बंद कर दें, ताकि पैकिंग करते समय पेट पूरी तरह से खाली रहे, ऐसा न होने पर ढुलाई के दौरान उनके मल-मूत्र से पैकिंग बैग का पानी खराब हो सकता है जिससे मछली बीज की मौत भी हो सकती है।
- कार्प मछली तालाब तक बीज की ढुलाई सुबह या शाम के समय ही की जानी चाहिए ताकि उन्हें अधिक तापमान न सहना पड़े। दोपहर के समय तापमान अधिक होने पर उनके मरने का जोखिम ज़्यादा होता है।
- पैकिंग के ढुलाई के समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मछलियों को चोट न लगें और न ही तनाव हो, वरना तालाब के नए वातावरण में जिंदा रहने की संभावना कम हो जाती है। तनावग्रस्त मछली आसानी से रोगग्रस्त हो जाती है।
- मछली बीज को वैज्ञानिकों की सलाह के मुताबिक ही तालाब के नए वातावरण में ढालकर संचित किया जाना चाहिए, ताकि बीज के जीवित रहने की दर अधिक हो।
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