पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा बकरी के दूध का उत्पादन भारत में ही होता है। दुनिया में बकरी के दूध का कुल उत्पादन 15.26 मीट्रिक टन है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 5.75 मीट्रिक टन है। बकरी के दूध की मांग पिछले कुछ समय में बहुत बढ़ी है और इसकी वजह है इसके औषधीय गुणों के बारे में बढ़ी जागरुकता।
वैसे तो बच्चों के लिए गाय के दूध को ही सर्वोत्तम कहा जाता है, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि गाय के दूध में मौजूद लैक्टोज़ से कुछ को एलर्जी होती है। ऐसे लोगों के लिए बकरी का दूध वरदान है, क्योंकि इसमें लैक्टोज़ की मात्रा कम होती है। बकरी का दूध पचने में भी आसान होता है और इसके कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं। जिस तेज़ी से बकरी के दूध की मांग बढ रही है, उसी रफ़्तार से अगर किसान बकरी का दूध उत्पादन बढ़ा लें, तो वह अच्छा मुनाफ़ा कमा सकते हैं।
बकरी के दूध के फ़ायदे
कई शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि बकरी का दूध बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक के लिए बहुत फ़ायदेमंद है। नज़र डालिए नीचे दिए गए अहम बिंदुओं पर।
- गाय के दूध में एग्लूटिनिन नामक तत्व होता है, जिसकी वजह से दूध में मौजूद वसा (फैट) इकट्ठा हो जाते हैं, मगर बकरी के दूध में यह तत्व नहीं होता है।
- बकरी के दूध में फैट छोटे-छोटे कणों में होता है जिससे यह बच्चों को भी आसानी से पच जाता है। साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन बच्चों में दूध उलटने की समस्या को भी कम करता है।
- बकरी के दूध में गाय के दूध के मुकाबले सेलेनियम, नियासिन और विटामिन ए ज़्यादा होता है।
- बकरी के दूध में एलर्जी बढ़ाने वाले तत्व नहीं होते हैं या बहुत कम होते हैं।
- बकरी के दूध से हड्डियां भी मज़बूत होती है और जिन बच्चों को किसी वजह से जन्म के बाद मां का दूध नहीं मिल पाता, उनके लिए बकरी का दूध सबसे उत्तम होता है।
- बकरी का दूध पीने से ब्लड प्रेशर कम होता है और आंतों के सूजन की समस्या भी दूर होती है।
- यह इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है।

कैसे बढ़ाएं बकरी का दूध उत्पादन?
आमतौर पर बकरी एक दिन में 1-2 लीटर दूध देती है जो अन्य दुधारु पशुओं से काफ़ी कम है, मगर बकरी के दूध की मांग काफ़ी है, जिससे बकरी पालकों को इसकी अच्छी कीमत मिल सकती है। बकरी का दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए बकरी पालकों को कुछ छोटी, मगर अहम बातों का ध्यान रखने की ज़रूरत है, जो इस प्रकार हैं:
- सबसे पहले तो बकरी की नस्ल का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि किसी और जगह की नस्ल की बकरी लाने की बजाय जिस इलाके में आप बकरी पालन करने वाले हैं उसी भौगोलिक क्षेत्र की बकरी की नस्ल का चुनाव करें।
- बकरियों के प्रजनन के लिए अच्छी क्वालिटी के बकरे का चुनाव करें और हर बार अलग-अलग बकरे के साथ प्रजनन कराएं, जिससे नस्ल में सुधार होगा।
- जो बकरियां गर्भवती हैं, उन्हें दूसरी बकरियों से अलग रखें और उनके चारे का विशेष ध्यान रखें। उन्हें अधिक हरा और पौष्टिक चारा दें।
- बकरियों को गाभिन कराने के 15 दिनों पहले से ही उन्हें 100-200 ग्राम अतिरिक्त दाना दें, ताकि उनके शरीर का वजन ठीक रहे।
- गर्भावस्था के अंतिम चरण में बकरियां कम चारा खाती हैं, इसलिए उस दौरान उन्हें अधिक पौष्टिक आहार दें।

बकरी के दूध से ऐसे कमाएं मुनाफा
बकरी के दूध से मूल्य संवर्धन उत्पाद (Value Added Products) जैसे दही, चीज, आइसक्रीम, घी, मक्खन, श्रीखंड आदि बनाकर इसे अच्छी कीमत पर बेचा जा सकता है, क्योंकि आजकल इनकी बहुत मांग है। इसके अलावा, बकरी पालक बकरी के दूध के छोटे-छोटे पैकेट बनाकर अस्पताल के आसपास की दुकानों में बेच सकते हैं, क्योंकि बहुत से मरीजों को इसकी ज़रूरत पड़ती है। यही नहीं बहुत सी ब्यूटी प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनियां भी बकरी के दूध का इस्तेमाल करती हैं। बड़े पैमाने पर दूध का उत्पादन करके बकरी पालक उन्हें भी दूध बेचकर अच्छा मुनाफ़ा कमा सकते हैं।

ये भी पढ़ें:
- तने की मजबूती: पौधे खुद को सीधा कैसे रखते हैं ? लिग्निन, पोटाश, नाइट्रोजन का समय और फसल गिरने का असली विज्ञानफसल का तना कोई साधारण डंडी नहीं है। यह एक जीवित ढांचा है जो पौधे को सीधा खड़ा रखता है और पानी व भोजन का परिवहन करता है। तना पत्तियों, फूलों और दानों को ऊपर संभालता है।
- पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: 50 साल बाद मिलेगा ‘कच्चे’ किसानों को हक, बाढ़ पीड़ितों के खाते में आएगा पैसापंजाब सरकार (Punjab Government) ने किसानों और गरीबों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Mann) के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों से जहां सैकड़ों ऐसे किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी फसलें बाढ़ में (Punjab farmers will get compensation for crop loss ) बर्बाद… Read more: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: 50 साल बाद मिलेगा ‘कच्चे’ किसानों को हक, बाढ़ पीड़ितों के खाते में आएगा पैसा
- तेलंगाना में रिकॉर्ड स्तर पर कपास की खरीद, 12,823 करोड़ रुपये किसानों के खाते मेंतेलंगाना में 12,823 करोड़ रुपये की कपास की खरीद, 27 फरवरी तक खुला बाजार, किसानों को उपज बेचने में बड़ी सहूलियत।
- Holi And Indian Farming : केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का जश्न है होलीहोली का त्योहार (Holi festival) सिर्फ रंगों का ही नहीं, बल्कि खुशियों और मेहनत के रंगों का भी (Holi and Indian farming) त्योहार है। और इस खुशी में सबसे आगे होते हैं हमारे अन्नदाता किसान भाई।
- मिलावट के खिलाफ जंग: FSSAI के ‘Food Safety on Wheels’ से हर गांव-गली में होगी डेयरी प्रोडक्ट्स की जांचFSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) पहल है ‘Food Safety on Wheels’ । ये कोई आम सरकारी गाड़ी नहीं, बल्कि चलती-फिरती हाईटेक लैब है, जो 24 घंटे आपके आसपास के इलाकों में घूमकर लोगों को शुद्ध दूध-घी का अधिकार दिला रही है।
- नई दिल्ली में आयोजित होगा पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026, किसानों को मिलेंगे नई तकनीक और समाधानपूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 में किसानों को नई तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक समाधान की जानकारी मिलेगी, जिससे खेती बनेगी अधिक लाभकारी।
- नैनो फर्टिलाइज़र क्यों है नई ज़माने की खेती की ज़रूरत, जानिए IFFCO के मार्केटिंग डायरेक्टर डॉ. योगेंद्र कुमार सेखेती में यूरिया, डीएपी और नैनो यूरिया/डीएपी की बहुत अहम भूमिका होती है और भारतीय किसानों को इसकी आपूर्ति करता है भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO), जो दुनिया की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्थाओं में से एक है। किसान ऑफ़ इंडिया से खास बातचीत में IFFCO के मार्केटिंग डायरेक्टर डॉ. योगेंद्र कुमार ने कृषि… Read more: नैनो फर्टिलाइज़र क्यों है नई ज़माने की खेती की ज़रूरत, जानिए IFFCO के मार्केटिंग डायरेक्टर डॉ. योगेंद्र कुमार से
- Godhan Samagam-2026 : उत्तर प्रदेश में गौ-संरक्षण और किसानों के सम्मान का भव्य आयोजनपशुपालन और दुग्ध विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘गोधन समागम-2026’ (‘Godhan Samagam-2026’) महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि योगी सरकार की उस महत्वाकांक्षी सोच का आईना है।
- महाराष्ट्र ने बनाई देश में पहली बार किसानों के लिए ख़ास ‘Agriculture AI’नीति, खर्च होंगे 500 करोड़मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में राज्य ने ‘Agriculture AI’ के क्षेत्र में देश में पहल करते हुए एक ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया है, जिसका सीधा फायदा सबसे छोटे किसान तक को होगा।
- US Tariff: अमेरिका ने फिर बढ़ाया टैरिफ,10 से बढ़ाकर 15 फीसदी किया, भारत के किसान और कृषि पर क्या होगा असर ?अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने हाल ही में Trump के पुराने व्यापक टैरिफ को 6-3 के बहुमत से गैरकानूनी ठहरा दिया था। अदालत ने कहा था कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों का अतिक्रमण (Encroachment) किया है।
- बदलते मौसम में अब नहीं होगा नुकसान, अब AI तय करेगा कब बोएं, कब सींचें और कहां बेचें फसल!अब AI खेत-खलिहान में उतरकर किसानों की तकदीर बदलने वाला है। केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी (Union Agriculture Secretary Devesh Chaturvedi) ने हाल ही में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ (India AI Impact Summit) में इस क्रांतिकारी बदलाव का खुलासा किया।
- भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के जरिए दोनों देशों ने मज़बूत की साझेदारीभारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा में दोनों देशों ने तकनीक, शोध और टिकाऊ खेती में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।
- प्राकृतिक खेती ने बढ़ाया गोवर्धन क्लांटा का आत्मविश्वास और मज़बूत की सेब की खेतीप्राकृतिक खेती अपनाकर गोवर्धन क्लांटा ने सेब की खेती में घटाई लागत, बढ़ाई आय और मिट्टी की सेहत को किया मज़बूत।
- बिहार की ‘Sugarcane Mechanization Scheme’ बनी किसानों के लिए वरदान, सरकार दे रही है 60 फीसदी तक सब्सिडीबिहार के गन्ना उद्योग विभाग (Sugarcane Industry Department) की महत्वाकांक्षी ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना’ (‘Sugarcane Mechanization Scheme) के तहत राज्य के 324 किसानों को मशीन ख़रीदने की परमिट जारी की गई है, जिसमें से 300 से ज़्यादा किसान मशीनें खरीद भी चुके हैं।
- 20 साल पहले शुरू की जैविक खेती, आलू के बीजों में माहिर किसान सुखजीत सिंहसुखजीत सिंह ने 20 साल पहले शुरू की जैविक खेती, आज भरोसेमंद आलू बीज उत्पादन से किसानों को दे रहे बेहतर विकल्प।
- यूपी की योगी सरकार का किसानों को तोहफ़ा: 70 करोड़ से बदलेगी कृषि की तस्वीर, हर गांव पहुंचेगी टेक्नोलॉजीयोगी सरकार ने केवल घोषणाएं ही नहीं की, बल्कि 70 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि (Amount of more than Rs 70 crore) सीधे तौर पर उन योजनाओं के लिए आवंटित की है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी कृषि को मज़बूती देंगी।
- नौकरी छोड़कर शुरू की सब्जियों की नर्सरी, अमृतसर से पंजाब के किसानों तक पहुंचा रहे पौधेसब्जियों की नर्सरी से किसान मज़बूत शुरुआत कर रहे हैं, अमृतसर के भूपिंदर सिंह गिल की सफल पहल से बढ़ रही है मांग और मुनाफ़ा।
- शिवराज सिंह चौहान का स्पष्ट संदेश कृषि और किसानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताशिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते में किसानों के हितों से समझौता नहीं होगा, खाद्यान्न और डेयरी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- Madhya Pradesh Budget 2026: किसानों की झोली भरी, ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित, जानें हर बड़ी बातमध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Government of Madhya Pradesh) ने आज 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026 का बजट (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश कर दिया।
- Journal Nature Climate Change का ख़ुलासा: खेती से भी बढ़ रहा प्रदूषण, भारत भी इस लिस्ट में शामिलप्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल (Journal) Nature Climate Change में प्रकाशित एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट (New international report) ने खेती को लेकर ग्लोबल टेंशन बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में खेतों से निकलने वाली हार्मफुल गैसों के लिए सिर्फ छह देश जिम्मेदार हैं, और इनमें भारत का नाम भी शामिल है।





















