खेती के बाद ग्रामीण आबादी की आजीविका का सबसे बड़ा साधन है पशु पालन या डेयरी फ़ार्मिंग। इस व्यवसाय में किसी तरह की ख़ास तकनीकी जानकारी होना आवश्यक नहीं है। थोड़ी समझदारी से अगर यह बिज़नेस किया जाए तो इससे अच्छा ख़ासा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है। डेयरी फ़ार्मिंग से बिहार की महिला किसान अलमोती देवी अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। डेयरी फ़ार्मिंग की बदौलत कैसे अलमोती देवी ने अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया, आइए जानते हैं।
कैसे की शुरुआत?
बिहार के शेखपुरा ज़िले की 55 वर्षीय अलमोती देवी के पास सिर्फ़ 0.8 हेक्टेयर भूमि है। उनका परिवार बहुत ही गरीब था और मुश्किल से परिवार और बच्चों का खर्च चल पाता था, लेकिन अब स्थिति बिल्कुल अलग है। वह साल में करीब 6 लाख रुपये की कमाई कर रही हैं और यह सब हुआ डेयरी फ़ार्मिंग से। अलमोती देवी के पिता ने 2003 में उन्हें तोहफ़े में एक गाय दी थी और इसी से उन्होंने डेयरी फ़ार्मिंग की शुरुआत की।

एक क्रॉस ब्रीड गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू करने वाली अलमोती देवी के पास आज की तारीख में 12 गायें है, जिनसे रोज़ाना औसतन 90 लीटर दूध प्राप्त होता है। वह 35 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध की बिक्री करती हैं। जो दूध बच जाता है उससे रोज़ाना करीब 10 किलो पेड़ा बनाती हैं, जिसे उनके पति अपनी दुकान में बेचते हैं। अब उनका परिवार स्वस्थ और खुशहाल ज़िंदगी जी रहा है। अ
अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल
अलमोती देवी अपने इलाके की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने 30 महिलाओं को पशुपालन के लिए प्रेरित किया और उनकी मदद भी की। इतना ही नहीं, वह वर्मीकंपोस्ट का उत्पादन भी करती हैं।
कितना होता है मुनाफ़ा?
अलमोती देवी पिछले 8 सालों से सालाना 6 लाख रुपये की कमाई कर रही हैं। दूध बेचकर उन्हें सालाना 4,80,000 हज़ार रुपये का मुनाफ़ा, वर्मीकंपोस्ट से 90 हज़ार रुपये और पेड़े बेचने से 21 हज़ार रुपये का मुनाफ़ा सालाना हो रहा है।
छोटे स्तर पर शुरू करें व्यवसाय
अगर आपके पास ज़्यादा पूंजी नहीं है, तो डेयरी फ़ार्मिंग में लाभ कमाने के लिए पहले छोटे स्तर से शुरुआत करें और फिर जब बिज़नेस जम जाए और मुनाफ़ा होने लगे तो पशुओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाएं। याद रखिए अच्छी नस्ल की गाय और भैंस रखना ज़रूरी है क्योंकि इससे दूध का उत्पादन ज़्यादा होता है और ये आपको अधिक मुनाफ़ा देगा।
सरकार से मिलेगी मदद
अगर आपको आर्थिक समस्या आ रही है तो बिज़नेस शुरू करने के लिए आप लोन ले सकते हैं। सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी की भी सुविधा दी जाती है। किसान व्यवसाय शुरू करने के लिए 25 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वैसे राज्य के अनुसार सब्सिडी की दर अलग-अलग है।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप अपने राज्य के दुग्ध समिति से संपर्क कर सकते हैं। वह आपको सब्सिडी के लिए ज़रूरी सभी दस्तावेजों के बारे में और पूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे। डेयरी फ़ार्मिंग की सफलता के लिए पशुओं की अच्छी नस्ल के साथ ही उनके रहने, खाने-पीने और बीमारियों का भी उचित प्रबंधन किया जाना ज़रूरी है।
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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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