कहते हैं न जिसके मन में कुछ करने की चाह होती है वह मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी राह बना ही लेता है। आजकल जगह की कमी के चलते बहुत से लोग गार्डनिंग का अपना शौक पूरा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में बिहार के छपरा ज़िले की रहने वाली सुनीता प्रसाद ने बागवानी की ऐसी अनोखी तरकीब निकाली है, जिससे कोई कम जगह में भी आसानी से सब्ज़ियां उगा सकता है। जी हां, वह PVC पाइप और बांस के इस्तेमाल से वर्टिकल गार्डन बनाकर खेती कर रही हैं। अपने इस अनोखे आइडिया के बारे में उन्होंने किसान ऑफ़ इंडिया की संवाददाता दीपिका जोशी से विस्तार से चर्चा की।

पाइप में सब्ज़ियां उगाने का आइडिया कैसे आया?
सुनीता बताती हैं कि उन्हें सब्ज़ियां उगाने का बहुत शौक है, तो वह अक्सर घर के टूटे-फूटे बर्तनों में ही मिट्टी भरकर कुछ न कुछ उगा लेती थीं। एक बार उन्होंने कबाड़ी वाले से पाइप खरीदकर छत पर छोड़ दिया और कुछ दिनों बाद देखा कि उसमें मिट्टी इकट्ठा हो गई है और कुछ घास उग आई है। इसे देखकर उन्होंने सोचा कि क्यों न इसमें ही पौधे उगाए जाए। फिर क्या था, उनका पाइप में गार्डन बनाने का आइडिया काम कर गया। अब वह इसमें तरह-तरह की हरी सब्ज़ियों से लेकर प्याज़, अदरक नींबू तक उगा रही हैं।

पाइप का सस्ता विकल्प है बांस
सुनीता का कहना हैं कि पाइप थोड़ा महंगा पड़ता है, ऐसे में लोग बांस से भी वर्टिकल गार्डन बना सकते हैं। बांस को लंबाई में खड़ा करके मिट्टी भरकर उसमें पौधे व बीज बोए जा सकते हैं। बांस को चार टुकड़ों में काटकर इसके चारों ओर प्लास्टिक लगाकर वर्टिकल गार्डन बनाया जा सकता है।

PVC पाइप में कैसे लगाएं पौधा या बीज
जो लोग पीवीसी पाइप में सब्ज़ियां उगाना चाहते हैं उन्हें सुनीता पौधे उगाने की सही तरकीब बताती हैं। पहले आप 5 फुट की पाइप ले लें। फिर जितने पौधे आपको लगाने हैं पाइप में उतने कट्स लगा लें और वहीं से आप बीज या पौधा लगा सकते हैं। फिर वह सड़ी हुई गोबर, वर्मीकम्पोस्ट और मिट्टी को मिलाकर पाइप में डालती हैं। पानी नीचे की और लगे हुए पौधे तक पहुंचे, इसके लिए पानी के पाइप को मिट्टी के बीच में डालकर धीरे से निकाल लेती हैं, जिससे मिट्टी के बीच में एक छेद बन जाता है। इसमें वह रेत भर लेती है क्योंकि रेत ज़्यादा देर तक गीली रहती है, जिससे पौधों में नमी बनी रहती है। इस तरह से पानी पौधों के नीचे तक आराम से पहुंच जाता है। PVC पाइप में एक बार मिट्टी भरने के बाद, तीन साल तक मिट्टी बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

किन सब्ज़ियों की कर रही हैं खेती
सुनीता प्रसाद के वर्टिकल गार्डन में ढेरों पौधे हैं। वह बैंगन, गोभी, धनिया, चुकंदर, शलजम, खीरा, एलोवेरा, प्याज़, हल्दी अदरक के साथ ही चीकू भी उगा रही हैं। वह लगभग सभी मौसमी सब्ज़ियां उगाती हैं। उनका कहना है कि इस तरह से उगाई गई सब्ज़ियां सेहत के लिए बहुत अच्छी होती है, क्योंकि यह पूरी तरह से जैविक है। जबकि बाज़ार में मिलने वाली सब्ज़ियां केमिकल से उगाई जाती हैं। सुनीता अन्य महिलाओं को भी घर पर वर्टिकल गार्डन बनाकर परिवार की ज़रुरत के लिए सब्ज़ियां उगाने की सलाह देती हैं ताकि उनका परिवार स्वस्थ रहे।

इनोवेटिव फ़ार्मर से सम्मानित
सुनीता प्रसाद को अपने ख़ास वर्टिकल गार्डन के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं। सुनीता के इस इनोवेशन के लिए उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र मांझी की ओर से ‘इनोवेटिव फ़ार्मर अवॉर्ड’ से भी सम्मानित किया गया। वह दूसरे लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

मशरूम का भी कर रहीं उत्पादन
इसके साथ ही वह मशरूम का भी उत्पादन कर रही हैं और उसमें नई-नई तकनीक का प्रयोग करती रहती हैं। साथ ही मशरूम उत्पादन से लेकर वर्टिकल गार्डन के बारे में युवाओं और महिलाओं को नि:शुल्क ट्रेनिंग देती हैं। इस तरह से वह अपने साथ ही दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं।

ये भी पढ़ें- Rooftop Organic Farming: छतों पर सब्जियों की जैविक खेती करने के हैं फ़ायदे ही फ़ायदे
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

ये भी पढ़ें:
- केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय का बड़ा ऐलान: रेशम उत्पादक किसानों की बढ़ेगी आमदनी,’सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान पुरस्कार’ की शुरुआत की घोषणासरकार की रणनीति सीधी और वैज्ञानिक है। शहतूत के पत्तों की पैदावार बढ़ाकर और रेशम के कीड़ों के पालन-पोषण के राउंड को बढ़ाकर किसानों की आमदनी 10 से 12 लाख रुपये तक ले जाने का टारगेट है।
- पराली जलाने पर केंद्र सख़्त: ज़मीन के रिकॉर्ड में 15 महीने तक दर्ज रहेगा नाम, दोबारा जलाने पर और कड़ी कार्रवाई!ये नियम दिल्ली-एनसीआर और आसपास के उन इलाकों में लागू होगा जहां पराली जलाने की घटनाओं का असर दिल्ली की हवा पर पड़ता है।
- Samriddh Vidisha Model: तैयार हुआ ग्रामीण गरीबी को जड़ से ख़त्म करने के लिए नया रोडमैपSamriddh Vidisha Model की सबसे बड़ी ख़ूबी है कि आमदनी के एक नहीं, कई साधन है। किसानों को आधुनिक खेती के साथ दूध, बकरी, मुर्गी और मधुमक्खी पालन से जोड़ा जाएगा, ताकि एक सोर्स रुकने होने पर परिवार न बिखरे।
- दक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में राज्यों को समय पर लक्ष्य पूरा करने के निर्देशदक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में राज्यों से Farmer ID, AgriStack और कृषि लक्ष्यों को तय समय में पूरा करने को कहा गया।
- Mahila Shetkari Portal: महाराष्ट्र सरकार का ऐतिहासिक कदम,अब खेत में काम करने वाली हर महिला बनेगी ‘किसान’अधिनियम के अनुसार, महिला को किसान मानने का आधार सिर्फ ज़मीन का मालिकाना हक नहीं, बल्कि खेती में उसकी ‘वास्तविक भागीदारी’ होगी।
- Soil Carbon Payments से किसानों को अतिरिक्त आय की नई पहलSoil Carbon Payments के ज़रिए पंजाब और हरियाणा के 2500 से ज़्यादा किसानों को 2.9 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान मिलेगा।
- Reimagining Indian Agriculture रिपोर्ट में ख़ुलासा : देश के कुल भू-भाग का लगभग 33 फीसदी ज़मीन बंजर!देश के कुल भू-भाग का लगभग 33 फीसदी ज़मीन ख़राब हो रही है। रिपोर्ट में ICAR-Indian Institute of Soil Science के आंकड़ों का हवाला दिया गया है।
- त्योहारी सीजन में राहत की उम्मीद: सरकार घटा सकती है खाद्य तेल पर आयात शुल्कभारत अपनी खाद्य तेल की ज़रूरत का करीब दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा करता है। ये आयात मुख्य रूप से मलेशिया, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन से होता है।
- बिहार में बाढ़ से फ़सल नुक़सान का जायज़ा लेने पहुंचे शिवराज सिंह चौहानशिवराज सिंह चौहान ने बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायज़ा लिया और किसानों को केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
- सिवनी का जम्बो सीताफल: जीआई टैग के साथ बदलेगी किसानों की तकदीर,इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ने की तैयारी शुरूसिवनी का जम्बो सीताफल (Seoni’s Jumbo Custard Apple) औसतन 200 से 650 ग्राम का होता है, लेकिन भूतबंधानी क्षेत्र में कई फल 800 ग्राम से 1 किलोग्राम तक के मिलते हैं।
- World Circular Economy Forum 2026 में भारत की सर्कुलर इकॉनमी पर वैश्विक चर्चाWorld Circular Economy Forum 2026 में 62 देशों के 3600 से अधिक stakeholders ने Circular Economy पर चर्चा की।
- किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना: 32 साल इंतज़ार के बाद ऐतिहासिक समझौता,जानिए किस राज्य को मिलेगा सबसे बड़ा लाभकिशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (Kishau Multipurpose Project) की नींव 1994 के ऊपरी यमुना जल समझौते में रखी गई थी, लेकिन आर्थिक बोझ और राज्यों के हितों के टकराव ने इसे आठ साल तक ठप कर दिया।
- खेती के साथ मधुमक्खी पालन: पाएं 1.28 लाख का अनुदान,1.92 लाख रुपये की लागत में शुरू करें अपना ख़ुद का बिज़नेसमधुमक्खी पालन की सबसे बड़ी खूबी ये है कि इसके लिए आपको बड़े खेत या अलग ज़मीन की ज़रूरत नहीं है। आप अपने घर के आसपास, बगीचे में, पेड़-पौधों वाली जगह पर आसानी से यह यूनिट लगा सकते हैं।
- Google और Mitti Labs का बड़ा करार: धान के खेतों से मीथेन गैस की कटौती और पानी की बचतमिट्टी लैब्स अपनी ‘Geo-AI’ Technology का इस्तेमाल कर रही है, जिसे नासा के सहयोग से विकसित किया गया है।
- CAZRI Moth Bean की क़िस्मों ने सूखे में दिखाई शानदार सहनशीलता, 35 दिन तक बारिश न होने पर भी बनी रही फ़सलCAZRI Moth Bean की क़िस्मों ने 35 दिन के सूखे में भी बेहतर प्रदर्शन कर जलवायु अनुकूल खेती की उम्मीद बढ़ाई।
- ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज: ग्लोबल साउथ की फ़सल का असली मोल वापस पानाब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज से ग्लोबल साउथ के किसानों को फ़सल की क़ीमत तय करने में कैसे अधिक अधिकार और वैश्विक कृषि बाज़ार में नई भूमिका मिल सकती है, जानें।
- BRICS Summit 2026 : कृषि में AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं से किसानों, कारोबारियों को होगा लाभBRICS देशों के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। इसका मकसद बाढ़, चक्रवात या भूकंप जैसी आपदाओं से पहले देशों के बीच डेटा साझा करना है
- आंध्र प्रदेश सरकार का पोल्ट्री फार्मस के लिए 657 करोड़ का तोहफ़ा, ब्याज से लेकर बिजली तक सब सस्ताशहरी क्षेत्रों में पोल्ट्री शेड बनाने पर लगने वाले डेवलपमेंट और बेटरमेंट चार्ज से छूट दी गई है। ग्राम पंचायतों के बराबर कम शुल्क पर मंज़ूरी मिलेगी।
- शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ को 3.65 लाख नए PM आवासों की दी सौगात, 2 लाख परिवारों का हुआ गृह प्रवेशशिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ को 3.65 लाख नए PM आवास, सक्ती में KVK और बस्तर में आवास सर्वे की समयसीमा बढ़ाने की सौगात दी।
- क्लाइमेट सर्वाइवल किट: हमारे भविष्य को सुरक्षित करने वाला ‘ओपन-सोर्स सीड बैंक’क्लाइमेट सर्वाइवल किट के जरिए ब्रिक्स का जीनोम नेटवर्क ग्लोबल वार्मिंग के बीच जलवायु-अनुकूल खेती और बीजों का भविष्य तैयार कर रहा है।




















